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Types of Forces In India: जाने भारत में कितनी प्रकार की सेनाएं है, जो हर बॉर्डर पर देश की रक्षा के लिए तैनात रहती है..

Types of Forces In India: जाने भारत में कितनी प्रकार की सेनाएं है..

हम बात करेंगे इंडिया की अलग-अलग फोर्सेज के बारे में जब भी किसी देश की सिक्योरिटी की बात होती है तो दो लेवल पर बात होती है external and internal security एक्सटर्नल सिक्योरिटी यानी भारत के किसी दूसरे देश या ऑर्गेनाइजेशन सिक्योरिटी, इंटरनल सिक्योरिटी यानी देश की सीमाओं के अंदर मौजूद खतरे से सुरक्षा देश में लॉयन ऑर्डर और पीस मेंटेन रखना इन दोनों टाइप की सिक्योरिटी के लिए दो टाइप की फोर्सज होती है। Armed Forces and Intelligence and Investigation Agency जाने भारत में कितनी प्रकार की सेनाएं (Forces) है

Armed Forces

आर्म्ड फोर्सज होती है जिनके प्रॉपर यूनिफॉर्म होती है और वह हाली फिजिकल ट्रेड होते हैं और जनरली हथियार बंद होते हैं।

Intelligence and Investigation Agency

इंटेलिजेंस और इन्वेस्टिगेशन फोर्सज की जनरली कोई स्पेशली यूनिफॉर्म नहीं होती उनका काम बेसिकली डिफरेंट डाटा को कलेक्ट और डिकोड करके इन्वेस्टिगेशन करना होता है।

हम सिर्फ आर्म्ड फोर्सेज के बारे में बात करेंगे इंडिया में बेसिकली दो टाइप की आर्म्ड फोर्सज है। Indian Armed Force और सेंट्रल आर्म्ड फोर्स जिसे CAPF यह Central Armed Police Force भी कहते हैं।

Indian Armed Force

Indian Armed Force इंडिया के डिफेंस फोर्सज को कहते हैं इसलिए इन्हें डिफेंस फोर्सज आफ इंडिया भी कहा जाता है और यह मिनिस्ट्री ऑफ़ डिफेंस के अंदर आती है इनका प्राइमरी काम होता है देश के एक्सटर्नल सिक्योरिटी को बनाए रखना और इंडिया की बाउंड्रीज को प्रोटेक्ट करना इंडियन आर्म्ड फोर्सज में आती है इंडिया के 3 मिलिट्री सर्विसेज Army, Indian Navy and Indian Air Force. आर्मी का काम होता है देश के जितने भी एक्टिव लैंड बॉर्डर्स है उनको प्रोटेक्ट करना और वहां टेररिज्म जैसी एक्टिविटीज को होने से रोकना और इंडिया की लैंड और बाउंड्री को गार्ड करना किसी country के साथ अगर कोई War situation आती है तो जमीनी लेवल पर आर्मी फाइट करती है।

Indian Navy

नेवी का काम होता है देश तक आने वाले जितने भी वॉटरवेज हैं उनको प्रोटेक्ट करना किसी भी शिप को चाहे फिर वह कार्गो हो या पैसेंजर उसको इंडिया की तरफ बढ़ने से पहले इंडियन नेवी से परमिशन लेनी पड़ती है इंडियन नेवी इंडिया को पानी के रास्ते से होने वाले किसी भी अटैक से प्रोटेक्ट करती है।

Indian Air Force

इंडियन एयर फोर्स का काम होता है इंडिया पर होने वाले किसी भी एयर अटैक से इंडिया को प्रोटेक्ट करना इंडिया में जितनी भी फ्लाइट इंटर करती है उन सभी की जानकारी और ट्रैक रिकॉर्ड्स इंडियन एयरफोर्स के पास होते हैं इसलिए कभी भी जब कोई अनऑथराइज्ड प्लेन इंडिया की बाउंड्री में इंटर करता है तो एयरफोर्स उनके अगेंस्ट एक्शन लेती हैतो यह थी आर्मी नेवी और एयरफोर्स जो इंडिया की सबसे में सिक्योरिटी फोर्सज है।

इसके बाद बात करते हैं CAPF यह Central Armed Police Forces के बारे में

CAPF का काम होता है प्राइमरी देश की इंटरनल सिक्योरिटी इश्यूज को देखना इंटरनल सिक्योरिटी के जिम्मेदारी होम मिनस्ट्री की होती है इसलिए मिनिस्ट्री आफ होम अफेयर्स के अंडर आती है इनमें BSF बॉर्डर सिक्योरिटी फाॅर्स SSB Sashastra Seema Bal, ITBP Indo- Tibetan Bal, CISF Central Industrial Security Force, CRPF Central Reserve Police Force इनमे BSF, SSB, ITBP बॉर्डर फोर्सेज है। जिसमे बीएसएफ इंडिया बांग्लादेश और इंडियन पाकिस्तान बॉर्डर पर रहती है SSB इंडो नेपाल और इंडो भूटान बॉर्डर पर रहती है और ITBP आईटीबीपी इंडो चाइना बॉर्डर लद्दाख से अरुणाचल प्रदेश रीजन पर रहती है इनका काम होता है इलीगल इमीग्रेशन को रोकना और किसी भी चीज की ट्रांसपोर्ट स्मगलिंग वगैरा होने से रोकना काफी सारे लोगों को यह कन्फ्यूजन रहता है की बॉर्डर की सुरक्षा तो इंडियन आर्मी की जिम्मेदारी होती है तो यहां तो इंडियन आर्मी को होना चाहिए।

असल में इंडियन आर्मी भी कई जगह बॉर्डर पर तैनात रहती है लेकिन सिर्फ एक्टिव बॉर्डर्स पर जैसे LOC Line of Control जो इंडियन पाकिस्तान के बीच में है और LAC Line of Actual Control जो इंडिया चीन के बीच में है एक्टिव बॉर्डर सेमी जहां पर एक्सटर्नल एलिमेंट से खतरा सबसे ज्यादा होता है दूसरे बॉर्डर पर भी अगर खतरे के साइंस दिखाई देते हैं तो हेल्प के लिए इंडियन आर्मी को बुलाया जाता है इनके अलावा CISF Central Industrial Security Force का काम होता है देश की पीएसयू और गवर्नमेंट की इंर्पोटेंट बिल्डिंग्स को सेफ्टी और सिक्योरिटी देना जैसे mines, oil refinery, sea ports, power plant, steel plants, space installation, defense production units, E.T.C इसके अलावा इंडिया की सभी कमर्शियल एयरपोर्ट की सिक्योरिटी की जिम्मेदारी भी इन्हीं को मिली हुई है इसके अलावा सीआईएसएफ के जवान और खुद दिल्ली मेट्रो पर भी देखने को मिलेंगे क्योंकि वहां की सिक्योरिटी की जिम्मेदारी भी उनकी होती है सीआईएसफ में एक SSG special security group होता है जो कुछ स्पेशल लोगों को सिक्योरिटी देते हैं जिन्हें होम मिनिस्टरी कहती है।

CRPF Central Reserve Police Force

CRPF Central Reserve Police Force का काम होता है किसी भी स्टेट गवर्नमेंट या यूनियन टेरिटरी की सिविल एडमिनिस्ट्रेशन के साथ मिलकर पब्लिक ऑर्डर मेंटेन करना इन इंटरनल सिक्योरिटी बनाए रखना इसलिए आपने हमेशा देखा होगा कि जब भी किसी स्टेट या यूनियन टेरिटरी की पुलिस को किसी सिचुएशन को कंट्रोल करने के लिए दूसरी फोर्स की हेल्प चाहिए होती है तो सबसे पहले सीआरपीएफ की आती है

इसलिए इन्हें रिजर्व पुलिस फोर्स कहा जाता है सीआरपीएफ में दो स्पेशल फोर्सज होते हैं Rapid Action Force and Cobra Commando Battalion Resolute Action Rapid फाॅर्स का काम होता है कि कहीं भी कम्युनल राइट्स वगैरह जैसे सिचुएशन अगर हो जाए तो उसे कंट्रोल करना और कोबरा कमांडोज का काम होता है मैं जंगल इनसरजेंस के अगेंस्ट फाइट करना जो स्टेट के लिए खतरा हो सकते हैं इनके मोस्टली ऑपरेशन जंगलों में ही होते हैं इसीलिए कोबरा कमांडोज को जंगल वॉरियर्स भी कहा जाता है तो यह थी डिफरेंट सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सज।

Paramilitary Forces

अब बात करते हैं पैरामिलिट्री फोर्सेस की काफी सारे लोगों को इसको लेकर बहुत डाउट्स रहते हैं कि कितने पैरामिलिट्री फोर्स कहते हैं कि नहीं तो एक्चुअल में अगर बात की जाए तो पैरामिलिट्री फोर्स जैसी टर्म कहीं भी ऑफीशियली प्रयोग नहीं की जाती है यह टर्म कुछ फोर्सेज के लिए इनफॉर्मल में प्रयोग की जाती है कुछ लोग CAPF के अंडर आने वाली फोर्सज को ही पैरामिलिट्री फोर्सेस कह देते हैं लेकिन और 5 फोर्सेस के लिए सीआरपीएफ टर्म ऑफीशियली उसे की जाती है इस चीज को कंफर्म करने के लिए आप एसएससी द्वारा जो सीआरपीएफ सर्विस के लिए रिक्रूटमेंट नोटिफिकेशन आता है उसमें भी चेक कर सकते हैं वह क्लीयरली सीआरपीएफ के अंदर यह फाइव सर्विसेज मेंशन है हालांकि इनफॉर्मली बात की जाए तो पैरामिलिट्री फोर्स टर्म जिन फोर्सेज के लिए उसे की जाती है वह है।

Assam Rifles, Special Frontier Force, Indian Coast Guard इनमें से असम राइफल्स और स्पेशल फ्रंटियर फोर्स होम मिनिस्ट्री के अंडर आती हैं और इंडियन कोस्ट गार्ड डिफेंस मिनिस्ट्री के अंदर इंडियन नेवी के कोऑर्डिनेशन में काम करती है असम राइफल्स का काम होता है इंडो म्यांमार बॉर्डर की सिक्योरिटी करना स्पेशल फ्रंटियर फोर्स उत्तराखंड बेस फोर्स है जो सिनो – इंडियन फाॅर्स 1962 में स्पेशल परपज के लिए बनाई गई थी पहले IB यानी इंटेलिजेंस ब्यूरो के अंडर थी लेकिन फिलहाल यह RAW के सुपरविजन में काम करती है और इंडियन कोस्ट गार्ड का काम होता है इंडिया के कोस्टल बॉर्डर्स की सिक्योरिटी करना यह भी रिस्पेक्टिव स्टेट के एडमिनिस्ट्रेशन के साथ कोऑर्डिनेटर करके इंडियन नेवी की गाइडलाइंस के अंदर काम करते हैं इन सभी फोर्सेज के अलावा कुछ स्पेशल फोर्सज भी है यह स्पेशल पर्पस के लिए बनाया गया है। जैसे-

NSG National Security Guard

एनएसजी नेशनल सिक्योरिटी (NSG National Security Guard) गार्ड जिसे 1968 में टेररिस्ट एक्टिविटीज terrorist activities से फाइट करने और एंटी नेशनल एलिमेंट्स को न्यूट्रलाइज करने के लिए बनाया गया था इस फोर्स में कोई भी डायरेक्ट रिक्रूटमेंट नहीं होती सभी के सभी कमांडोज डिफरेंट डिफरेंट सर्विसेज जैसे सीआरपीएफ सीआईएसएफ स्टेट पुलिस एक्स्ट्रा से डेपुटेशन पर आते हैं 2008 में होटल ताज में हमने देखा था कि किस तरह से एनर्जी कमांडोज ने टेररिस्ट अटैक को काउंटर किया था तो यह थी इंडिया की वन ऑफ़ द मोस्ट इंर्पोटेंट आर्म्ड फोर्सज।

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