10 most beautiful tourist places to visit in Damoh: दमोह में घूमने के 10 सबसे खूबसूरत पर्यटन स्थल

10 most beautiful tourist places to visit in Damoh

दमोह मध्य प्रदेश का एक छोटा जिला है जो बुंदेलखंड प्रांत में स्थित है दमोह मध्य प्रदेश के कुल प्रमुख शहरों में शुमार है जिनका शहरी क्षेत्र पर सबसे अधिक है अगर बात करें दमोह के इतिहास की इस नगर का इतिहास बहुत ही विस्तृत बताया जाता है कहा जाता है दमोह का नाम राजा नल की पत्नी दमयंती के नाम पर दमोह रखा गया है। इसका उल्लेख आपको हिंदू पौराणिक कथाओं में सुनने को मिल जाएगा यहाँ कई राजा और कहीं साम्राज्यों का शासन रहा है जिसमे सबसे पहले नाम गोड़ वंस के पराक्रमी सम्राट संग्राम साह का आता है यह वही संग्राम साह जिनके 52 गढ़ से और दमोह भी इनके 52 गढ़ में से एक था उन्होंने बुंदेलखंड सहित मध्य भारत के कई नगरों में अपना साम्राज्य फैला रखा था दमोह एक खूबसूरत शहर है इसके आसपास बहुत खूबसूरत टूरिस्ट प्लेस है।

कुण्डलपुर जैन तीर्थ स्थल दमोह

दमोह शहर से 35 किलोमीटर की दूरी पर पहाड़ों पर ऊपर स्थित एक जैन तीर्थ स्थल है चारों ओर से पहाड़ी से घिरा यह पर्यटन क्षेत्र पूरे भारतवर्ष में प्रसिद्ध है इसके आसपास का प्राकृतिक वातावरण भी बहुत खूबसूरत है यहाँ कई मंदिर स्थापित है जो पूरे सफेद पत्थर से बने हुए हैं यहां पर आपको 60 से ज्यादा छोटे बड़े मंदिर देखने को मिलेंगे आसपास फैली हरियाली यहां का वातावरण काफी शांत महसूस करवाती है मंदिरों में बड़े बाबा का मंदिर सबसे प्रसिद्ध है।

Kundalpur Jain pilgrimage site Damoh

जागेश्वर धाम मंदिर दमोह

इस मंदिर की प्रसिद्धी इतनी ज्यादा है कि यह मध्य प्रदेश सहित पड़ोसी राज्यों में भी काफी प्रचलित हैं और यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आते हैं इस मंदिर को भगवान शिव का तेरहवां ज्योतिर्लिंग भी कहा जाता है इस मंदिर में सभी प्रकार की सुविधा उपलब्ध है, यहाँ आपको भगवान शिव की आरती अन्य देवी देवताओं की छोटे और बड़े मंदिर देखने को मिलेंगे जो मंदिर परिसर के अंदर स्थापित है यह मंदिर दमोह जिले के बांदकपुर कस्बे में स्थित है।

Jageshwar Dham Temple Damoh

नोहलेश्वर शिव मंदिर दमोह

दमोह जिले से 20 किलोमीटर दूर नोहटा गांव में स्थित शिव मंदिर बहुत ही प्राचीन और अद्भुत है कहा जाता है इस मंदिर का निर्माण आज से 1000 ईस्वी पूर्व में हुआ था। मंदिर के दीवारों पर आज भी आपको उसे समय की कलाकृतियां देखने को मिलेंगे इसे देखकर आप अचंभित हो जाएंगे इस मंदिर की बनावट खजुराहो के गणेश मंदिर से काफी ज्यादा मिलती है।

Nohaleshwar Shiv Temple Damoh

सिंगौरगढ़ किला

सिंगौरगढ़ किला ऐतिहासिक विरासत के रूप में विख्यात सिंगौरगढ़ का किला चारों ओर से प्राकृतिक वातावरण से घिरा हुआ है और यह ऊँची पहाड़ी पर बना हुआ है। किले के चारो ओर का क्षेत्र बहुत ही खूबसूरत है एक समय यह रानी दुर्गावती का निवास स्थान हुआ करता था दलपत साह के साथ से विवाह के पश्चात रानी यहाँ रहने लगी थी किले के चारो ओर जंगल है क्योकि यह किला रानी दुर्गावती वन्य जीव अभ्यारण के बीचो बीच स्थित है।

Singaurgarh Fort

बड़ी देवी मंदिर दमोह

यह दमोह शहर का पुराना मंदिर है इस मंदिर को बड़ी देवी के नाम से जाना जाता है यह मंदिर करीब 300 साल पुराना है यह मंदिर मां दुर्गा को समर्पित है या नवरात्रि के समय मेले का आयोजन किया जाता है।

Badi Devi Temple Damoh

रानी दुर्गावती वाइल्ड लाइफ सेंचुरी

दमोह स्थित यह वन्य जीव अभ्यारण करीब 24 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में दमोह जबलपुर मार्ग पर स्थित है इस वन्य जीव अभ्यारण में आपको कई प्रकार के जंगली जानवर देखने को मिलेंगे आप अभ्यरण की सैर करते समय देख सकते है अभ्यरण को घूमने के लिए 2 रास्ते है। अभ्यरण पक्षी और जानवर के अलावा आपको प्राकृतिक स्थल व्यू प्वाइंट और साथ में या अभ्यरण के बीचों-बीच रानी दुर्गावती का किला देख सकते हैं।

Rani Durgavati Wildlife Sanctuary

जोगन कुंड वाटरफॉल दमोह

चारों ओर जंगल से घिरा यह क्षेत्र बहुत खूबसूरत है यहाँ पहाड़ ऊपर से एक कुंड में जल गिरता है जिसे देखने के लिए यहां बड़ी मात्रा पर्यटक मौसम के अनुसार आते हैं जंगल में होने के कारण यहाँ प्राकृतिक सौंदर्य बहुत खूबसूरत और शांति में स्थित है जोगन कुंड दमोह जिले के जबेरा तहसील में स्थित है।

Jogan Kund Waterfall Damoh

नजारा व्यू पॉइंट

यहां से पूरे रानी दुर्गावती वन्य जीव अभ्यारण का दृश्य देखने के लिए मिलता है नजारा व्यू पॉइंट दमोह जिले का एक खूबसूरत दरसनीय स्थल है। यहां बहुत से मनोरम दृश्य देखने के लिए मिलते हैं यहां से देखने में ऐसा लगता है जैसे आप कश्मीर के वादियों में देख रहे हैं।

Najara View Point

जटाशंकर मंदिर दमोह

जटाशंकर मंदिर दमोह जबलपुर रोड पर स्थित है यह दमोह में घूमने के लिए सबसे अच्छे धार्मिक स्थलों में से है। यह मंदिर पहाड़ों से घिरा हुआ है और मंदिर के पास अंग्रेजों के समय का पुराना सर्किट हाउस बना हुआ है यह सर्किट हाउस पहाड़ी बना हुआ है।

Jatashankar Temple Damoh

रानी दमयंती म्यूजियम दमोह

रानी दमयंती दमोह जिले के संस्थापक थे रानी दमयंती का विवाह राजा नल से हुआ था। रानी दमयंती म्यूजियम को रानी दमयंती किले के नाम से जाना जाता है। यह किला मुख्य दमोह शहर में स्थित है। यहां पर आकर आपको पत्थरो की मूर्ति और संग्रह देखने को मिलता है महल के बाहर एक बहुत बड़ा गार्डन भी बना हुआ है।

Rani Damayanti Museum Damoh

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